August 23, 2020

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सरकारी अस्पताल में नसबंदी के खेल का बड़ा खुलासा, बिना डॉक्टर के 43 महिलाओं के ऑपरेशन, 1 की मौत के बाद अब 5 गिरफ्तार

चूरू। राजस्थान के बहुचर्चित नसबन्दी केस में महिला की मौत मामले में चूरू जिले की सरदारशहर पुलिस ने एक महिला सहित पांच जनों को गिरफ्तार किया है। नसबंदी शिविर का आयोजन करने वाले एनजीओ शुभम पैरामेडिकल समिति के सैकेट्री संदीप शर्मा, कॉर्डिनेटर रमेश जीतरवाल, कंपाउंडर प्रवीण जानू, प्रवीण झाझड़िया और नर्स रुचि पॉल को जिला एवं सेशन कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भिजवा दिया गया। जयपुर में 15 दिन बंधक बनाकर लड़की से रेप, रतनगढ़ पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

राजस्थान विधानसभा में इस मामले के गूंजने के बाद पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 30 जून को सरदारशहर पीएचसी में आयोजित इस नसबंदी शिविर में न तो सर्जन चिकित्सक था और न ही एनेस्थिसिया और महिला चिकित्सक ही मौजूद थी। नर्स के भरोसे यहां 43 महिलाओं के नसबन्दी आपरेशन कर दिये गये, जिनमें से गांव रोलासर की मैना देवी की आपरेशन के बाद तबियत बिगड़ गयी। महिला की तबियत बिगडने पर उसका उपचार करने की बजाय आरोपी वहां से फरार हो गये। गम्भीर हालत में परिजन महिला को राजकीय भरतिया अस्पताल के आपातकालीन वार्ड लाये, लेकिन तब तक महिला के अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण उसकी मौत हो गयी।

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तीन बच्चों के बाद 25 वर्षीय मैना ने सरदारशहर के सरकारी अस्पताल में लगे इस कैम्प में नसबन्दी का ऑपरेशन करवाया था। महिला का हिमोग्लोबिन साढे़ आठ पॉइन्ट होने के बावजूद भी बिना चिकित्सकों के ऑपरेशन किया गया। शिविर को लेकर करीब 200 महिलाओं को अस्पताल बुलाया गया था। 30 जून को सुबह 6 बजे ही महिलाएं आने शुरू हो गई थीं। 11 बजे तक 200 से ज्यादा महिलाएं अस्पताल पहुंच गई। टीम ने 80 महिलाओं का ऑपरेशन के लिए चयन किया गया। करीब 40 महिलाओं के बाद रोलासर निवासी मैनादेवी का ऑपरेशन किया गया।

मैना देवी की मौत के बाद 1 जुलाई को मामले ने तूल पकड़ लिया। एक तरफ परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया वहीं दूसरी तरफ विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इसे आपराधिक लापरवाही बताते हुए परिजनों की मांगों का सर्मथन करते हुए धरने पर बैठ गये। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से नाराज राठौड़ ने इस दौरान सीएमएचओ को जमकर फटकार लगाई और जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिसके बाद मृतका के परिजनों ने 1 जुलाई शाम को मामला दर्ज करवाया था।

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सरदारशहर पुलिस ने आईपीसी की धारा 304, 120 बी, एससी एसटी एक्ट, राजस्थान महामारी अध्यादेश व धारा 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम में मामला दर्ज किया। मामले की जांच सरदारशहर सीओ गिरधारी लाल शर्मा ने की। पुलिस जांच में सामने आया कि राजकीय चिकित्सालय सरदारशहर में आयोजित इस नसबन्दी शिविर में श्रीशुभम पैरामेडिकल समिति दडीबा के सचिव संदीप शर्मा ने चिकित्सा विभाग के साथ मार्च 2019 में हुए एमओयु के मुताबिक न तो शिविर में प्रशिक्षित चिकित्सकों को भेजा न ही कोविड-19 गाईडलाइन की पालना ही करवाई।

जिला कोर्डिनेटर रमेश जितरवाल ने जानबुझकर प्रदीप जानु और प्रदीप झाझड़िया से षड़यन्त्र कर सरदारशहर में आयेाजित नसबन्दी शिविर में एमओयू की शर्तों की जानकारी रखते हुये उल्लंघन किया। प्रवीण जानु और प्रवीण झाझड़िया जो केवल मेल नर्स है एवं रूचीपाल महिला नर्स है। इन लोगों ने 30 जून को आयोजित शिविर में 43 महिलाओं के नसबन्दी ऑपरेशन किये।

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