August 23, 2020

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गाजियाबाद: नीतीश कटारा मर्डर केस के गवाह पर हमला, डीपी यादव के गुर्गे पर आरोप

गाजियाबाद
गाजियाबाद के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के एकमात्र गवाह अजय कटारा पर हमला हुआ है। आरोप लगा है मर्डर केस के मुख्य आरोपी विकास यादव के पिता और बाहुबली नेता डीपी यादव पर। अजय ने पुलिस को दी शिकायत में हिस्ट्रीशीटर अपराधी सुभाष यादव पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।नीतीश कटारा मर्डर केस के गवाह अजय ने पुलिस को दी शिकायत में कहा, ‘सुभाष ने मेरा गला पकड़कर दो थप्पड़ मारे और कहा कि तू हमारे नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव (मुख्य आरोपी) के पैरोल केस में बहुत पैरवी करता है। तू सुधर जा नहीं तो तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा और इतनी गोलियां मारूंगा कि पुलिसवाले भी गिनती नहीं कर पाएंगे। इतना कहकर मेरे कपड़े फाड़ दिए।’ पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 323, 504, 506 और 427 के तहत केस दर्ज कर लिया।

क्या है नीतीश कटारा मर्डर केस?
नीतीश कटारा 17 फरवरी, 2002 को गाजियाबाद के डायमंड हॉल में अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे। वहीं से नीतीश का विकास और विशाल ने अपहरण किया और सुखदेव पहलवान के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, नीतीश कटारा की विकास की बहन से दोस्ती थी और यह दोस्ती विकास और विशाल को पसंद नहीं थी इसी कारण नीतीश की हत्या की गई।

हाई कोर्ट ने सुनाई थी 30 साल की सजा
हाई कोर्ट ने विकास और विशाल यादव को 30-30 साल कैद की सजा सुनाई थी। जबकि सुखदेव पहलवान को 25 साल कैद की सजा दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि हत्या मामले में विकास और विशाल को उम्रकैद की सजा दी जाती है और इनके द्वारा 25 साल तक जेल काटने से पहले सजा में छूट पर विचार न किया जाए। वहीं सबूट नष्ट करने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। दोनों सजा अलग-अलग चलाने का आदेश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सजा को 25 साल का किया
नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को 25 साल कैद की सजा सुनाई थी। यानी उम्रकैद के तौर पर 25 साल तक जेल में रहने के बाद ही सजा में छूट पर विचार होगा। दरअसल कोर्ट ने हाई कोर्ट के सजा के अलग-अलग चलाने के आदेश में संशोधन किया था और दोनों सजाओं को एकसाथ चलाने का आदेश दिया था। इस तरह दोनों को जेल में 25 साल काटने हैं। विकास पिछले 18 साल से जेल में बंद है। वहीं सुखदेव पहलवान को सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। इन्होंने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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